कलम की सुंदरता कागज़ पे ही नज़र आती है
और कागज़ की कीमत कलम ही निश्चित करता है ||
आसमान चाहे कितना भी ऊपर लहराता है
पर नज़र तो आखिर ज़मीन से ही आता है ||
सूरज की उस पहली किरन की कीमत अँधेरा ही सिखाता है
गम के बारिश के बाद ही दिल, ख़ुशी से भरकर, इठलाता है ||
जो कुछ भी इस दुनिया मैं होता है
उसका प्रभाव हम सब पर आता है ||
कहीं कोई मायूस जिस हार से होता है
उसी के जीत का कोई जश्न मनाता है ||
पर वक़्त अपना डाव बड़ी सरलता से खेल जाता है
क्यूंकि जीतने का जूनून, उस हार से ही सर चढ़ जाता है ||
-SR.
और कागज़ की कीमत कलम ही निश्चित करता है ||
आसमान चाहे कितना भी ऊपर लहराता है
पर नज़र तो आखिर ज़मीन से ही आता है ||
सूरज की उस पहली किरन की कीमत अँधेरा ही सिखाता है
गम के बारिश के बाद ही दिल, ख़ुशी से भरकर, इठलाता है ||
जो कुछ भी इस दुनिया मैं होता है
उसका प्रभाव हम सब पर आता है ||
कहीं कोई मायूस जिस हार से होता है
उसी के जीत का कोई जश्न मनाता है ||
पर वक़्त अपना डाव बड़ी सरलता से खेल जाता है
क्यूंकि जीतने का जूनून, उस हार से ही सर चढ़ जाता है ||
-SR.
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