जब अंधेरा छाया
सन्नाटों कि गूंज से
धड़कने थम सी गयी
सन्नाटों कि गूंज से
धड़कने थम सी गयी
परछाईं ने भी अब
साथ छोड़ दिया
गुजरता हुआ पल
कांटों सा चुभने लगा
साथ छोड़ दिया
गुजरता हुआ पल
कांटों सा चुभने लगा
जब उम्मीद की किरण
नामुमकिन सी लगने लगी
तब सेहमी हुई सांसों ने
जिंदगी का अर्थ बतला दिया
नामुमकिन सी लगने लगी
तब सेहमी हुई सांसों ने
जिंदगी का अर्थ बतला दिया
इस अंधेरे का कोई अंत नहीं
ये एहसास जब मन को छू गया
तब बिते हुए कल के
कुछ लोग याद आने लगे
ये एहसास जब मन को छू गया
तब बिते हुए कल के
कुछ लोग याद आने लगे
अपनो को जिस कारण दूर किया
वह कारण अब धुंधला सा गया
भीड़ समझकर जिन्हें छोड़ आया
वह दोस्त अचानक आज याद आया
वह कारण अब धुंधला सा गया
भीड़ समझकर जिन्हें छोड़ आया
वह दोस्त अचानक आज याद आया
जीन रिश्तों को
वक़्त कि रेत में खो दिया
दिल की घेहराही में
उनकी आहट मेहसूस हुई
वक़्त कि रेत में खो दिया
दिल की घेहराही में
उनकी आहट मेहसूस हुई
कामयाबी के नशे में
जिन तारों को मैं ने तोड दिया
आज उन्हीं कि रोशनी के बगैर
ये अंधेरा छा गया
जिन तारों को मैं ने तोड दिया
आज उन्हीं कि रोशनी के बगैर
ये अंधेरा छा गया
समय के इस काले आईने ने
मैं ने क्या खोया
इसका प्रतीबिंब दिखा दिया
मैं ने क्या खोया
इसका प्रतीबिंब दिखा दिया
जब अंधेरा छाया
सन्नाटों कि गूंज से
मन का अकेलापन
मूखोटा चिरकर सामने आ गया
सन्नाटों कि गूंज से
मन का अकेलापन
मूखोटा चिरकर सामने आ गया
-SR.
PS: May The Force Be With You !!!
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