Saturday, 26 May 2018

वो‌ गलीयां

वक़्त बदल सा जाता है इन गलियों में
जहां कभी हम सांस लिया करते थे

गुंज आज भी है इन हवाओं में
जहां जिंदगी के सपने बुना करते थे

लोग बदलते हैं पर यादें आज भी वहीं है
सिर्फ एक बार पलटके देखना
वह हंसी वह पल आज भी जिंदा है

-SR.

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