कुछ पलो के लिए
सारे गम भूलकर
हसने की कोशिश कर रहा था ||
सवालों ने अपना रास्ता
मुझतक का खोज ही लिया || [१]
कुछ पलो के लिए
सारे दर्द भूलकर
चलने की कोशिश कर रहा था ||
दुनियादारी की ठोकरों ने
फिर चौराहे पे लाकर खड़ा कर दिया || [२]
उस बीते हुए कल की हार
कुछ पलो के लिए भूलकर
फिर एक कोशिश करने चला था ||
वक़्त ने उस राह का दीपक
जलने से पेहले ही बुजा दिया || [३]
-SR.
सारे गम भूलकर
हसने की कोशिश कर रहा था ||
सवालों ने अपना रास्ता
मुझतक का खोज ही लिया || [१]
कुछ पलो के लिए
सारे दर्द भूलकर
चलने की कोशिश कर रहा था ||
दुनियादारी की ठोकरों ने
फिर चौराहे पे लाकर खड़ा कर दिया || [२]
उस बीते हुए कल की हार
कुछ पलो के लिए भूलकर
फिर एक कोशिश करने चला था ||
वक़्त ने उस राह का दीपक
जलने से पेहले ही बुजा दिया || [३]
-SR.
No comments:
Post a Comment
Note: only a member of this blog may post a comment.