Saturday, 27 May 2017

कुछ पल

कुछ पलो के लिए
सारे गम भूलकर
हसने की कोशिश कर रहा था ||

सवालों ने अपना रास्ता
मुझतक का खोज ही लिया || [१]

कुछ पलो के लिए
सारे दर्द भूलकर
चलने की कोशिश कर रहा था ||

दुनियादारी की ठोकरों ने
फिर चौराहे पे लाकर खड़ा कर दिया || [२]

उस बीते हुए कल की हार
कुछ पलो के लिए भूलकर
फिर एक कोशिश करने चला था ||

वक़्त ने उस राह का दीपक
जलने से पेहले ही बुजा दिया || [३]


-SR.

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